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mother

Maa…

ओस की बूँद को समेटती बेले के पत्ते सी माँ मलयज के झोकों सी माँ' मरुभूमि में शीतलता सी माँ, हरियाली सी माँ जिसे देख श्रम क्लांत पथिक जीवन का अमृत पा जाएँ उस पर्वत सी अडिग निडर माँ…

हमारी माँ – धरती

सृष्टि का जबसे जन्म हुआ तुम से मेरा सम्बन्ध हुआ मैं तुम सबको जीवन देती फल फूलों से झोली भर्ती मुझ पर ही केवल जल मिलता जिससे जीवन चलता रहता …